
बाहर खड़ा है योगी बोले मीठी बोली
ये दुनिया है खेल तमाशा ले ले ज्ञान की गोली
मोह माया में फंसा है तू करता है हमजोली
कैसेट ले ले पुस्तक ले ले ,पढ़ ले थोरी थोरी
खर्चे मेर बहुत बढ़ गए ,कर न आँख मिचौली
थोरा सा तू पैसा दे दे ,ले ले ताबीज मोरी .........
बहुत बार में योगी हूँ,न जाता किसी के द्वार
बेटे में दिक्कत में है, करना है उपचार........
रोग तुम्हारा मुझे पता है, करना है निदान
गुरु मंत्र में छुपा हुआ ,तेरा सारा इलाज .......
मोह माया तू चोरे के आजा ,गांठ में पैसा ले के आजा
चिलम पिला दे फूँक लगा दे ,मुद्रा दे दे थोरी........
जोगिया रंग है धारा मेंने कपडा hai videshi
bahut se shishya door se baithi leti gyan ki goli .....