Saturday, September 19, 2009
मज़ा किसमे है
मज़ा किसमे है मज़ा किसमे है ....? रूठने में या मनाने में मज़ा किसमे है ....? खुद मुस्कराने में या मुस्कराहट देने में मज़ा किसमे है ....? अपने बचपने में या बच्चो के बचपने में मज़ा किसमे है ....? फिसलने में या फिसलने से बच जाने में मज़ा किसमे है ....? पैसा बचाने में या पैसा खर्च करने में मज़ा किसमे है ....? ज़िन्दगी बचाने में या ज़िन्दगी खर्च करने में मज़ा किसमे है ....? दास्ताँ सुनाने में या दास्ताँ सुनने में मज़ा किसमे है ??????????
Wednesday, May 20, 2009
प्यास
पानी से मत पूछो
प्यासे से पूछो
प्यास क्या होती है
यदि पानी को
ज्ञान हो जाए
प्यासे की प्यास का
तू शायद वो
बहना छोर दे
रुक जाए ,थम जाए
और कही तालाब बन
कर दूषित हो जाए .
जब से इन्सान को
अपना ज्ञान हो गया है
तभी से वो तालाब की
तरह दूषित हो गया है .
Monday, May 11, 2009
हां में पत्थर हूँ
Thursday, May 7, 2009
योगी

बाहर खड़ा है योगी बोले मीठी बोली
ये दुनिया है खेल तमाशा ले ले ज्ञान की गोली
मोह माया में फंसा है तू करता है हमजोली
कैसेट ले ले पुस्तक ले ले ,पढ़ ले थोरी थोरी
खर्चे मेर बहुत बढ़ गए ,कर न आँख मिचौली
थोरा सा तू पैसा दे दे ,ले ले ताबीज मोरी .........
बहुत बार में योगी हूँ,न जाता किसी के द्वार
बेटे में दिक्कत में है, करना है उपचार........
रोग तुम्हारा मुझे पता है, करना है निदान
गुरु मंत्र में छुपा हुआ ,तेरा सारा इलाज .......
मोह माया तू चोरे के आजा ,गांठ में पैसा ले के आजा
चिलम पिला दे फूँक लगा दे ,मुद्रा दे दे थोरी........
जोगिया रंग है धारा मेंने कपडा hai videshi
bahut se shishya door se baithi leti gyan ki goli .....
Wednesday, May 6, 2009
नीद ठहर जा

नीद कुछ पल ठहर जा
एक अच्छा सा ख्वाब
आँखों में आने दे.......
भागम भाग में
कट गया दिन
कर्वी हकीकतो से
भर गया दिल
तंग गलियों में एक
आजाद ख्याल आने दे
नीद कुछ पल ठहर जा .....
मिट जाए आज की थकान
आ जाए कल की स्फूर्ति
आज के सुंदर लम्हों को
धागों में पिरोने दे ......
नीद कुछ पल ठहर जा
एक अच्छ सा ख्वाब
आँखों में आने दे ........
Monday, May 4, 2009
दर्द
जब भी कोई दर्द सीने से बाहर आया है
तुमने कांटो से उसे खूब सहलाया है
हमने जख्म सुखाने की दवा मांगी थी
तुमने जले में नमक झिरकाया है
तुमने कांटो से उसे खूब सहलाया है
हमने जख्म सुखाने की दवा मांगी थी
तुमने जले में नमक झिरकाया है
Sunday, October 12, 2008
शक्ख्सियतमत
शक्ख्सियत
मत बनने दो
अपने को इतना ghulanasheel l
खो दोगे अपना अस्तित्व
हो जाओगे सार् हीन
दूध मै पानी मिला देने से
पानी भी दूध हो जाता है
दूध – दूध ही रहता है
yadi तुम पानी हो तो
मत करो दूध बनने कि कल्पना
क्योकि अभी तो तुम शुद्ध पानी हो
फिर हो जाओगे
अशुद्ध् दूध्
मत बनने दो
अपने को इतना ghulanasheel l
खो दोगे अपना अस्तित्व
हो जाओगे सार् हीन
दूध मै पानी मिला देने से
पानी भी दूध हो जाता है
दूध – दूध ही रहता है
yadi तुम पानी हो तो
मत करो दूध बनने कि कल्पना
क्योकि अभी तो तुम शुद्ध पानी हो
फिर हो जाओगे
अशुद्ध् दूध्
बाबा आएगा
अक्सर लोग अपने माँ बाप भाई बहन से pareshaan hoker जब बाबा या jyotishi के पास जाते है
बचपन में हम अपनों की गोद में
छुपा के सर ख़ुद
सुकून से सो जाते थे
जब कोई कहता
बाबा आएगा
और उठा कर ले जाएगा
आज अपने ही चमन में
जब अपनों के सताने पर
आती नही है नीद hame
बाबा के पास जाते और
दिखा कर हाथ कहेते
bare कष्ट में है हमबाबा
ले लो अपनी शरण
अक्सर लोग अपने माँ बाप भाई बहन से pareshaan hoker जब बाबा या jyotishi के पास जाते है
बचपन में हम अपनों की गोद में
छुपा के सर ख़ुद
सुकून से सो जाते थे
जब कोई कहता
बाबा आएगा
और उठा कर ले जाएगा
आज अपने ही चमन में
जब अपनों के सताने पर
आती नही है नीद hame
बाबा के पास जाते और
दिखा कर हाथ कहेते
bare कष्ट में है हमबाबा
ले लो अपनी शरण
Wednesday, January 9, 2008
Jo Mutthi Bandh ker….
Jo Mutthi Bandh ker….
Jo Mutthi Bandh ker
Ek Ungali Ke Ishare Se
Humko Chand Dikhate Hai..
Hum Unki Muri 4 Ungliyo Mein
Akser Jhankte Hai….
.Ki Vo Kya Hai
Jiske LiyeVo
Hame Bahelaate Hai….
Jo Mutthi Bandh ker
Ek Ungali Ke Ishare Se
Humko Chand Dikhate Hai..
Hum Unki Muri 4 Ungliyo Mein
Akser Jhankte Hai….
.Ki Vo Kya Hai
Jiske LiyeVo
Hame Bahelaate Hai….
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